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सलखान ने कहा बाबुलाल ने निजी स्वार्थ के लिए आदिवासी समाज को बेचने का काम कर रहा है

कुछ दिन पहले बाबूलाल मरांडी का यह बयान कि आदिवासी जन्म से हिंदू हैं। इस बात पर आदिवासी समाज के लोगो ने बाबूलाल मरांडी का बयान को कड़ी निंदा ...






कुछ दिन पहले बाबूलाल मरांडी का यह बयान कि आदिवासी जन्म से हिंदू हैं। इस बात पर आदिवासी समाज के लोगो ने बाबूलाल मरांडी का बयान को कड़ी निंदा किया था। सलखान ने कहा की बाबूलाल मरांडी भोले भाले आदिवासियों को भ्रमित कर रहा है। बाबूलाल मरांडी आदिवासियों से उनका धर्म, रितिरावज, परंपरा ,ओर आदिवासी का पहचान को आदिवासियो छीन रहा है। बाबुलाल मरांडी ने निजी स्वार्थ के लिए आदिवासी समाज को बेचने का काम किया है। यह एक संविधान के अनुच्छेद 19, 21 और 25 के तहत आदिवासियों के मौलिक अधिकारों पर हमला है। यह सब बाते आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कही।





सलखान ने कहा बाबुलाल ने निजी स्वार्थ के लिए आदिवासी समाज को बेचने का काम कर रहा है




सलखान मुर्मू प्रखंड के सलपतरा गांव में पाकुड़, गोड्डा व साहिबगंज के कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे। सलखान ने यह भी कहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने बाबूलाल के कंधे पर बंदूक रखकरआदिवासी को गुलाम बनाने के षडयंत्र को जाहिर कर दिया है । उन्होंने कहा कि आदिवासियों को जबरन हिदू बनाने के इस षडयंत्र के खिलाफ आवाज बुलंद करना अभी बहुत जरूरी हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के आदिवासी आर्य नहीं अनार्य हैं। इनकी भाषा, संस्कृति, इतिहास आर्यो से अलग है । ये मूर्ति पूजक नहीं, प्रकृति पूजक हैं। इनके बीच ऊंच-नीच भी नहीं है। दहेज प्रथा भी नहीं है। ये प्रकृति का दोहन नहीं बल्कि पूजन करते हैं । ऐसे में उनका संगठन झारखंड, बंगाल, बिहार, ओड़िशा और असम में सभी जगह आरएसएस और बीजेपी का विरोध करेगी ताकि भारत के जनमानस को पता चले कि आदिवासी जन्म से हिंदू नहीं हैं।





सलखान मुर्मू ने कहा कि 2021 जनगणना का वर्ष है। इस बार हम सरना धर्म या अन्य विभिन्न नामों से अपने धार्मिक एकता, पहचान और अस्तित्व को बचाए रखने को कटिबद्ध हैं । आरएसएस और भाजपा ने हमारे मौलिक, मानवीय और आदिवासी अधिकारों को दरकिनार करते हुए हमें हिंदू बनाने के लिए मजबूर किया है। झारखंड और बंगाल सरकार ने केंद्र को आदिवासियों के लिए सरना धर्म संहिता की सिफारिश की है। इस मामले में चुप्पी साधकर भाजपा ने आदिवासी सरना के धार्मिक विरोधी होने का सबूत पेश किया है, जो देश के 15 करोड़ आदिवासियों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। सुमित्रा मुर्मू, झारखंड दिशोम पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष, आदिवासी सेंगेल अभियान के संताल परगना अध्यक्ष, कमिश्नर मुर्मू, केंद्रीय संयोजक सह संताल परगना प्रभारी बिमो मुर्मू उपस्थित थे


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