Jamshedpur, डायन के नाम पर आदिवासी महिला के साथ हुआ अत्याचार। इस मामले में पूर्व सांसद सह आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन...
Jamshedpur, डायन के नाम पर आदिवासी महिला के साथ हुआ अत्याचार। इस मामले में पूर्व सांसद सह आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने राज्यपाल को लिखा खत। सालखन मुर्मू ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को पत्र लिखकर कोवाली गांव में रुपी सोरेन की इस तरह डायन के नाम पर हुई अत्याचार और हत्या के मामले की जांच कराने और इस तरह की घटनाओं की रोकथाम करने की मांग की है।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड कोवाली थाना क्षेत्र के हरिणा पंचायत के मंगड़ू गांव की आदिवासी महिला रूपी मुर्मू को डायन बताकर 27 अक्टूबर की रात दो सिरफिरे आदिवासी युवकों ने उनको नग्न करके हत्या कर दी थी. पुलिस पुलिस की जांच पड़ताल करने से ये पता चला कि युवकों ने पहले रूपी मुर्मू की लाठी से जमकर पिटाई की. और फिर नग्न कर उसे बैलगाड़ी पर गांव में घुमाया गया था. उसके बाद महिला को उसके घर के पीछे छोड़ दिया । पति चंदु मुर्मू किसी प्रकार भाग कर अपनी जान बचा सके, अगले दिन 28 अक्टूबर की सुबह चंदु मुर्मू घर पहुंचा तो देखा कि उसकी पत्नी का शव निर्वस्त्र अवस्था में घर के पीछे पड़ा है. यह हृदयविदारक घटना केवल अंधविश्वास का कोई प्रतिफल नहीं है. बल्कि संविधान-कानून नियंत्रित मानव समाज के गाल पर एक जोरदार तमाचा है. आदिवासी समाज और बाकी सबके सामने एक खतरनाक चुनौती है.
इस तरह हैवानियत की घटना को एक दुर्घटना मानकर भूल जाना हैवानियत को जिंदा रखने के बराबर है. अंधविश्वास, प्रथा, परम्परा आदि के नाम पर किसी निर्दोष व्यक्ति और समाज के ऊपर अन्याय, अत्याचार, शोषण का अधिकार किसी को नहीं है.
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