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Viral news:-RISM में हुआ दो सिर वाले बच्चे का जन्म, चेहरा देख छोड़कर भागे माता-पिता, इसके बाद बच्चे के साथ हुआ यह दर्दनाक हादसा।

  Viral news:-RISM में हुआ दो सिर वाले बच्चे का जन्म, चेहरा देख छोड़कर भागे माता-पिता, इसके बाद बच्चे के साथ हुआ यह दर्दनाक हादसा। जानकर आपक...

 

Viral news:- माता पिता छोड़ने के बाद बच्चे के अकेले देख  रिम्स प्रबंधन ने सीडब्ल्यूसी को  सुनना दी. सीडब्ल्यूसी से पता चलने के बाद करुणा संस्था के लोग बच्चे की मदद के लिए आगे आये. वहां के एक डॉक्टर देवेश ने खुद आगे आकर बच्चे के लिए रक्तदान किया. इसके बाद बच्चे की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी.
Viral news:-RISM में हुआ दो सिर वाले बच्चे का जन्म, चेहरा देख छोड़कर भागे माता-पिता, इसके बाद बच्चे के साथ हुआ यह दर्दनाक हादसा। जानकर आपक भी खड़ा हो जाएगा
 रूह।

Jharkhand news:- रांची स्थित रिम्स में एक नवजात बच्चे को छोड़ कर इसके माता-पिता भाग गये.नवजात सीसु अस्पताल में ही पड़ा रहा. माता पिता ने इस लिए छोड़ा कियुकी इस नवजात बच्चे के दो सिर थे. बताया जा रहा है कि बच्चा जो सिर जैसी बीमारी से ग्रसित था.

 एक छोटी सी कारण के लिए उसे जन्म देनेवाली मां तक को उसपर दया नहीं आयी और वो उसे छोड़कर चले गये. बच्चे की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह सामान्य बच्चों की तरह नहीं था. क्योंकि अगर बच्चा बोल पाता तो यह सवाल जरूर पूछता कि अगर मेरे दो सिर हैं तो इसमें मेरा क्या कसूर है. 

माता-पिता ने हस्पताल में दर्ज कराया था गलत पता।

जब बच्चे को हस्पताल में छोड़ कर भाग जाने के बाद माता-पिता को खोजा गया तो पता चला कि , माता-पिता ने जो पता अस्पताल में दर्ज कराया था वो भी फर्जी था। माता-पिता को पहले से ही अंदाजा हो गया था कि ऐसा ही कुछ होने वाला है इसलिए उन्होंने अस्पताल में फर्जी पता देकर चंपट हो गया। उनके माता-पिता को पहले से ही मालूम था कि बच्चे की डिलीवरी नॉर्मल नहीं होगी। जब उनको पता चला कि बच्चे की तो दो सिर है। उन्होंने बच्चे को छोड़कर हस्पताल से भाग गए। यह बात इस बात से स्पष्ट हो रहा है कि अगर बच्चे की डिलीवरी नॉर्मल और बच्चे सही सलामत होते तो, बच्चे की माता पिता हस्पताल छोड़कर नहीं भाग जाते हैं।


जब यह बात पता चला कि बच्चे को कोई अकेला छोड़ कर उनके माता-पिता भाग गए।इसके बाद बच्चे के अकेले रहने की सूचना रिम्स प्रबंधन ने सीडब्ल्यूसी को दी. सीडब्ल्यूसी से पता चलने के बाद करुणा संस्था के लोग बच्चे की मदद के लिए आगे आये. वहां के एक डॉक्टर देवेश ने खुद आगे आकर बच्चे के लिए रक्तदान किया. इसके बाद बच्चे की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी.


करुणा संस्था के सद्स्यों ने करायी बच्चे की छुट्टी

संस्था के लोगों के अनुसार बच्चे को नियोनेटल से न्यूरो सर्जरी विभाग में भेजा गया था. डॉक्टरों ने शुरुआत में कुछ दिन रुककर सर्जरी की बात कही थी. इस बच्चे को संस्था के लोगों ने छुट्टी कराकर करुणा एनएमओ आश्रम ले गये. फिर जब बच्चा 15 दिनों का हुआ तो फिर ऑपरेशन के लिए रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में लाया गया है. बच्चे को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर फिर से करुणा आश्रम ले जाया जाएगा. रांची के कई वरिष्ठ डॉक्टर मिलकर इस संस्था को चलाते हैं.


मस्तिष्क सही से विकसित नहीं होने पर होती है परेशानी


रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ सीबी सहाय ने बताया कि बच्चे को जन्मजात बीमारी है. इस बीमारी में सिर के पीछे का भाग दिमाग का हिस्सा सीएसएफ बाहर निकल कर एक थैली की तरह बन जाता है. जो बिल्कुल सिर की तरह ही दिखाई देता है. मेडिकल भाषा में इसे ओसिपिटल मेनिंजो इंसेफालोसिल कहा जाता है. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने मिलकर दो घंटे तक उसका ऑपरेशन किया है. इसके बाद बच्चे को गहन निगरानी में रखा गया है.




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